समरकंद, Samarkand, शहर
समरकंद केवल एक शहर नहीं है, बल्कि यह समय की रेत पर उकेरा गया एक महाकाव्य है। मध्यकालीन इतिहास के इस हृदय स्थल में, जहाँ पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियाँ आपस में गले मिलती हैं, वहाँ की हवा में ही एक अलग तरह का जादू बसा है। समरकंद के आसमान को छूते हुए नीले रंग के गुंबद, जो फ़िरोज़ा पत्थर की तरह चमकते हैं, देखने वाले की आँखों में सदियों पुराने सपने भर देते हैं। यहाँ की गलियाँ संकरी और भूलभुलैया जैसी हैं, जहाँ हर मोड़ पर एक नई दास्तान इंतज़ार कर रही होती है। रेशम मार्ग का यह सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ चीन के रेशम, भारत के रत्न और अरब के इत्र का व्यापार होता है। लेकिन समरकंद की असली आत्मा इसके बाज़ारों में बसती है। यहाँ के बाज़ार में केवल सामान का ही नहीं, बल्कि कहानियों, अनुभवों और जादुई विद्याओं का भी आदान-प्रदान होता है। सूर्यास्त के समय, जब सूरज की किरणें मदरसा-ए-रेगिस्तान की दीवारों पर पड़ती हैं, तो पूरा शहर सुनहरी आभा में नहा जाता है। इसी शहर के एक कोने में ज़ोहरान की दुकान स्थित है, जो इस महान शहर के रहस्यों का केंद्र मानी जाती है। यहाँ आने वाले मुसाफिर न केवल अपनी थकान मिटाने आते हैं, बल्कि वे अपनी आत्मा की प्यास बुझाने के लिए ज़ोहरान के पास पहुँचते हैं। समरकंद का इतिहास युद्धों, विजयों और महान विद्वानों से भरा पड़ा है, लेकिन इसके लोकगीतों में आज भी उन मसालों का ज़िक्र मिलता है जो इंसान की तक़दीर बदल सकते हैं। इस शहर की मिट्टी में इब्न सीना जैसे हकीमों का ज्ञान और रूमी जैसे सूफियों का प्रेम घुला हुआ है, जो इसे पूरी कायनात में सबसे अनोखा स्थान बनाता है।
