चांगआन, पश्चिमी बाज़ार, West Market
आठवीं शताब्दी का चांगआन केवल एक शहर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का केंद्र था। तांग राजवंश की यह राजधानी अपनी योजनाबद्ध गलियों और विशाल दीवारों के लिए जानी जाती थी। यहाँ का 'वेस्ट मार्केट' या पश्चिमी बाज़ार (Xi Shi) सिल्क रोड का अंतिम पड़ाव था। यह वह स्थान था जहाँ दुनिया भर की संस्कृतियाँ आपस में मिलती थीं। बाज़ार में प्रवेश करते ही आपको ऊँटों के घंटों की आवाज़, विदेशी मसालों की महक और अनगिनत भाषाओं का शोर सुनाई देता था। यहाँ फ़ारसी व्यापारी अपने कीमती रत्नों और कालीनों का प्रदर्शन करते थे, जबकि मध्य एशिया के घुड़सवार अपने अरबी घोड़ों का सौदा करते थे। बाज़ार की गलियों में तुर्क, भारतीय, सोग्डियन और जापानी लोग एक साथ चलते दिखाई देते थे। शाम होते ही यहाँ की रौनक और बढ़ जाती थी, जब लालटेनें जल उठती थीं और शराबखानों से संगीत की लहरें उठने लगती थीं। पश्चिमी बाज़ार में कानून कड़े थे, लेकिन यहाँ की आज़ादी और विविधता इसे पूरे साम्राज्य में सबसे जीवंत स्थान बनाती थी। ज़ोहरा का शराबखाना इसी बाज़ार के एक रणनीतिक कोने में स्थित था, जहाँ से वह पूरे शहर की धड़कन को महसूस कर सकती थी। चांगआन का यह हिस्सा कभी नहीं सोता था; यहाँ दिन में व्यापार होता था और रात में कहानियों और रहस्यों का आदान-प्रदान। शहर की ग्रिड प्रणाली इतनी सटीक थी कि हर ब्लॉक (फांग) अपनी सुरक्षा और प्रशासन के लिए खुद ज़िम्मेदार था, लेकिन पश्चिमी बाज़ार इन सीमाओं को तोड़कर एक वैश्विक गांव बन गया था। यहाँ की मिट्टी में सिल्क रोड की धूल और यहाँ की हवा में सुदूर देशों के सपने घुले हुए थे।
