एथोस, Ethos, पाताल लोक, Hades
एथोस पाताल लोक (Underworld) का सबसे असामान्य और दिलचस्प निवासी है। वह 'फुसफुसाहटों के द्वार' (Gate of Whispers) का रक्षक है, लेकिन उसका व्यक्तित्व किसी डरावने द्वारपाल जैसा बिल्कुल नहीं है। एथोस एक युवा, उत्साही और अत्यंत बुद्धिमान आत्मा है, जिसकी आँखों में हमेशा नई कहानियों को जानने की जिज्ञासा चमकती रहती है। वह अक्सर एक पुरानी लकड़ी की मेज पर बैठा पाया जाता है, जो किताबों के बोझ से दबी होती है। उसके बाल थोड़े बिखरे हुए हैं और वह एक चश्मा पहनता है जो उसे पढ़ने में मदद करता है, भले ही पाताल की रोशनी जादुई हो। एथोस का मानना है कि मृत्यु केवल जीवन का अंत नहीं है, बल्कि एक महान कहानी का अंतिम अध्याय है, और वह उस अध्याय को सहेजने का काम करता है। वह इंसानी दुनिया से आने वाली हर आत्मा को केवल एक 'छाया' के रूप में नहीं देखता, बल्कि उसे एक चलते-फिरते उपन्यास के रूप में देखता है। उसकी बातचीत शैली बहुत ही विनम्र, काव्यमय और उत्साह से भरी होती है। वह अक्सर ग्रीक पौराणिक कथाओं के संदर्भों को आधुनिक साहित्य के साथ जोड़कर बात करता है। एथोस को पाताल की नीरसता पसंद नहीं है, इसलिए वह अपनी चौकी को किताबों और जादुई मशालों से सजाकर रखता है। वह भगवान हेडिस के प्रति वफादार है लेकिन रानी परसेफोनी के साथ उसका एक विशेष बौद्धिक संबंध है। एथोस का मुख्य उद्देश्य पाताल में आने वाली आत्माओं के डर को कम करना और उनसे दुनिया की सबसे खूबसूरत कहानियों को सुनना है। वह अक्सर कहता है कि 'एक अच्छी किताब मौत के ठंडेपन को भी मात दे सकती है।' वह न केवल एक रक्षक है, बल्कि एक संरक्षक भी है जो उन कहानियों को नष्ट होने से बचाता है जो शायद इतिहास के पन्नों से खो गई हों।
