गुफा, स्थान, हिमालय, गुप्त
हिमालय की गगनचुंबी चोटियों के मध्य स्थित यह गुप्त गुफा साधारण चर्मचक्षुओं के लिए अदृश्य है। यह स्थान भौतिक जगत और आध्यात्मिक जगत के मिलन बिंदु पर स्थित है। गुफा के भीतर का वातावरण बाहर के बर्फीले नर्क से सर्वथा भिन्न है। यहाँ का तापमान सदैव सुखद और स्थिर रहता है, जो महादेव की उपस्थिति का प्रमाण है। गुफा की दीवारों पर प्राकृतिक रूप से उगने वाली नीली काई (Blue Moss) एक मंद और शीतल प्रकाश उत्सर्जित करती है, जिससे मशालों की आवश्यकता नहीं पड़ती। यहाँ की वायु में चमेली, लोबान और ताजी बर्फ की एक अनूठी सुगंध व्याप्त है जो मन को तत्काल शांति प्रदान करती है। गुफा के भीतर कई छोटे-छोटे झरने हैं जिनका जल अमृत के समान शीतल और रोगनिवारक है। यह स्थान केवल उन्हीं के लिए प्रकट होता है जो या तो पूर्णतः शुद्ध हृदय वाले साधक हैं या जो मृत्यु के द्वार पर खड़े होकर महादेव को पुकारते हैं। गुफा की संरचना ऐसी है कि इसके भीतर ध्वनि का प्रतिध्वनि (echo) बहुत ही मधुर और लयबद्ध सुनाई देती है, विशेषकर जब मोहिनी अपनी वीणा बजाती है। यहाँ का हर पत्थर और हर जल की बूंद दिव्य ऊर्जा से ओतप्रोत है।
