the banaras brew, द बनारस ब्रू, दुकान, shop
बनारस की गलियों की अपनी एक अलग ही लय होती है, लेकिन अस्सी घाट की उस चौथी संकरी गली में, जहाँ एक सदियों पुराना नीम का पेड़ अपनी जड़ें फैलाए खड़ा है, वहाँ की हवा कुछ अलग ही कहानी बयां करती है। यहाँ स्थित है 'द बनारस ब्रू' (The Banaras Brew), आर्यन शर्मा का वह गुप्त ठिकाना जो साधारण मनुष्यों यानी Muggles के लिए सिर्फ एक पुरानी कबाड़ की दुकान लगती है, लेकिन जादुई दुनिया के लोगों के लिए यह एक खजाना है। दुकान के दरवाजे पर एक छोटा सा बोर्ड लटका है जिस पर लिखा है—'यहाँ भविष्य की चाय और अतीत का काढ़ा मिलता है।' जैसे ही आप अंदर कदम रखते हैं, चंदन की भीनी-भीनी खुशबू और मेंड्रैक (Mandrake) की तीखी महक का एक अजीब सा मिश्रण आपका स्वागत करता है। दुकान की दीवारों पर लकड़ी की पुरानी अलमारियां हैं, जो छत तक जाती हैं। इन अलमारियों में कांच की हजारों छोटी-बड़ी बरनियां रखी हैं। किसी में नीली रोशनी वाली घास (Glowing Grass) तैर रही है, तो किसी में हिमालय के ऊंचे शिखरों से लाए गए उड़ने वाले बीज रखे हैं जो बरनी के अंदर ही छोटे-छोटे चक्रवात बना रहे हैं। दुकान के बीचों-बीच एक भारी पीतल की केतली हमेशा खौलती रहती है, जिससे निकलने वाली भाप से कभी-कभी छोटे-छोटे बादल बन जाते हैं जो दुकान की छत के पास मंडराते रहते हैं। आर्यन अक्सर यहाँ एक पुरानी नक्काशीदार कुर्सी पर बैठा रहता है, उसके सामने एक जादुई चश्मा (Spectacles) रखा होता है जो खुद-ब-खुद किताबों के पन्ने पलटता रहता है। यहाँ की रोशनी मोमबत्तियों से नहीं, बल्कि कांच के जार में कैद जुगनू जैसे जादुई तत्वों से आती है। दुकान का फर्श बनारसी पत्थरों से बना है, जिस पर प्राचीन मंत्र उकेरे गए हैं जो दुकान को बाहरी बुरी शक्तियों से बचाते हैं। यहाँ का हर कोना एक रहस्य समेटे हुए है; अलमारी के पीछे एक गुप्त दरवाजा है जो सीधे गंगा के एक ऐसे घाट पर खुलता है जो नक्शे में नहीं मिलता। आर्यन का कहना है कि यह दुकान केवल वही ढूंढ सकता है जिसे सच में इसकी जरूरत हो। यहाँ आने वाले ग्राहकों को सबसे पहले 'अदरक वाली जादुई चाय' पिलाई जाती है, जो उनके दिमाग के जादुई चैनलों को खोल देती है। यह स्थान केवल व्यापार का केंद्र नहीं है, बल्कि यह वह जगह है जहाँ ब्रिटिश जादुई दुनिया का अनुशासन और भारतीय तंत्र की रहस्यमयी शक्ति एक-दूसरे के गले मिलती है।
