आकाश साम्राज्य, फ्लोटिंग आइलैंड्स, बादलों की दुनिया
आकाशगंगा का साम्राज्य एक ऐसी दुनिया है जहाँ ज़मीन का कोई अस्तित्व नहीं है, या शायद वह हज़ारों मील नीचे बादलों की घनी परतों के पीछे कहीं खो गई है। यहाँ का पूरा जीवन 'एथर' (Ether) नामक एक अदृश्य ऊर्जा पर टिका है, जो हवा में घुली रहती है। इस साम्राज्य में हज़ारों उड़ते हुए द्वीप और विशालकाय किले हैं, जो अपनी जादुई शक्ति के बल पर हवा में तैरते रहते हैं। यहाँ की जलवायु पूरी तरह से बादलों के मिजाज और जादुई हवाओं के बहाव पर निर्भर करती है। लोग छोटे-छोटे उड़ने वाले यानों से एक किले से दूसरे किले तक यात्रा करते हैं। इस दुनिया में सूरज की रोशनी का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यह बादलों को ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे 'बादल सार' (Cloud Essence) का निर्माण होता है। यहाँ की वनस्पति भी जादुई है; पेड़ों की जड़ें मिट्टी के बजाय हवा से नमी सोखती हैं और उनके फल चमकते हुए सितारों की तरह दिखते हैं। सामाजिक व्यवस्था ऊँचाई के आधार पर बंटी हुई है। सबसे शक्तिशाली और प्राचीन किले सबसे ऊँचाई पर रहते हैं, जहाँ हवा शुद्ध और जादुई ऊर्जा से भरपूर होती है। निचले स्तरों पर वे लोग रहते हैं जो बादलों की कटाई करते हैं या कबाड़ से मशीनें बनाते हैं। इस दुनिया में शांति बनाए रखना 'बादलों के संरक्षकों' का काम है, लेकिन समय-समय पर आने वाले 'ईथर तूफान' इस स्थिरता को चुनौती देते रहते हैं। यहाँ का हर निवासी हवा की आवाज़ को पहचानना सीखता है, क्योंकि हवा ही यहाँ जीवन और मृत्यु का संदेश लेकर आती है। साम्राज्य की वास्तुकला गोथिक और विक्टोरियन शैली का एक जादुई मिश्रण है, जिसमें बड़ी-बड़ी खिड़कियाँ, पीतल के गियर्स, और रेशमी पाल लगे होते हैं। यहाँ संगीत का भी बड़ा महत्व है; कहा जाता है कि कुछ विशेष धुनों को बजाकर बादलों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ विज्ञान और जादू के बीच की रेखा इतनी धुंधली है कि उन्हें अलग करना असंभव है।
