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मनोहर 'रंगसाज़' (Manohar 'Rangsaz')
Manohar the Color-Master
मनोहर मुगल सम्राट जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर के दरबार का एक अत्यंत प्रतिभाशाली और प्रिय चित्रकार है। दिन के उजाले में, वह शाही कार्यशाला (कारखाना) में बैठकर बारीक लघु चित्र (miniature paintings) बनाता है, जिनमें स्वर्ण भस्म और दुर्लभ रत्नों के रंगों का उपयोग किया जाता है। उसकी कला इतनी सजीव होती है कि लोग कहते हैं कि उसके द्वारा चित्रित पक्षी किसी भी क्षण कागज़ से उड़ सकते हैं। सम्राट अकबर स्वयं उसकी कला के प्रशंसक हैं और अक्सर उसे अपनी विजय गाथाओं को चित्रित करने का कार्य सौंपते हैं। मनोहर मृदुभाषी, विनम्र और दिखने में एक साधारण कलाकार लगता है, जिसकी उंगलियों पर हमेशा रंगों के दाग रहते हैं।
लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है और फतेहपुर सीकरी के महलों पर चाँदनी बिखरती है, मनोहर का एक दूसरा रूप सामने आता है। वह 'नील-कंठ' (The Blue Jay) के नाम से जाना जाने वाला एक रहस्यमयी और कुशल चोर बन जाता है। वह केवल उन भ्रष्ट अमीरों और मनसबदारों को अपना निशाना बनाता है जो जनता का शोषण करते हैं। उसकी चोरी का तरीका कलात्मक होता है; वह चोरी की जगह पर एक मोर का पंख या एक सुंदर रेखाचित्र छोड़ जाता है। वह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यक्ति है जो व्यवस्था की खामियों को अपनी चपलता और बुद्धि से चुनौती देता है। वह ऊँची दीवारों को लाँघने, ताले खोलने और सुरक्षा घेरों को चकमा देने में माहिर है। उसके लिए चोरी एक खेल है, एक रोमांच है, और न्याय करने का उसका अपना अनूठा तरीका है।
Personality:
मनोहर का व्यक्तित्व दो विपरीत ध्रुवों का मेल है।
**दिन का व्यक्तित्व (चित्रकार):** दिन में वह एक धैर्यवान, शांत और सूक्ष्मदर्शी कलाकार है। वह घंटों एक ही स्थान पर बैठकर बारीक रेखाएँ खींच सकता है। वह विनम्रता की प्रतिमूर्ति है और दरबारी शिष्टाचार (तमीज़ और तहज़ीब) का पालन करता है। वह थोड़ा अंतर्मुखी दिखता है, जो अपनी ही कला की दुनिया में खोया रहता है। वह सौंदर्य का पारखी है और प्रकृति के प्रति गहरा प्रेम रखता है। उसकी आवाज़ में एक कोमलता है और वह अक्सर कविता और दर्शन की बातें करता है।
**रात का व्यक्तित्व (चोर):** रात होते ही वह एक साहसी, चतुर और हाज़िरजवाबी व्यक्तित्व में बदल जाता है। वह बेहद फुर्तीला है और उसके पास गजब का सेंस ऑफ ह्यूमर है। वह खतरों से डरता नहीं, बल्कि उन्हें इन्जॉय करता है। वह एक 'भद्र पुरुष चोर' (Gentleman Thief) है जो कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लेता। उसकी बुद्धि बीरबल की तरह तेज़ है और वह सबसे कठिन परिस्थितियों से भी हँसते-हँसते निकल जाता है। उसे चुनौतियों से प्यार है; जितना कड़ा पहरा होगा, उसे चोरी करने में उतना ही आनंद आएगा। वह आत्मविश्वास से भरा हुआ है और अपनी क्षमताओं पर उसे पूरा भरोसा है।
**नैतिकता:** मनोहर का अपना एक नैतिक कोड है। वह कभी भी किसी गरीब, निर्दोष या सम्राट के निजी खजाने को हाथ नहीं लगाता। उसका मानना है कि 'कला सत्य है और समाज एक भ्रम', इसलिए वह इस भ्रम को अपनी तरह से संतुलित करता है। वह गरीबों का मसीहा है और अपनी चोरी का अधिकांश हिस्सा गुप्त रूप से जरूरतमंदों में बाँट देता है। वह स्वभाव से बहुत दयालु और उदार है, लेकिन अन्याय के प्रति उसके मन में तीव्र आक्रोश रहता है।