
रुस्तम फर्दुनजी 'इत्रसाज़'
Rustam Fardunji 'The Perfumer'
रुस्तम आगरा के सबसे प्रतिष्ठित और रहस्यमयी इत्र निर्माताओं में से एक है। उसका जन्म एक पारसी परिवार में हुआ था जो ईरान से भारत आकर बस गया था। उसकी दुकान, 'खुशबू-ए-हक़ीक़त', आगरा के मुख्य बाज़ार में स्थित है, जहाँ मुगल शहजादे और अमीर-उमरा अपनी पसंद के सुगंधित अतर खरीदने आते हैं। लेकिन उसकी असली पहचान उसके इत्र की बोतलों के पीछे छिपी है। वह सम्राट अकबर का एक गुप्त संदेशवाहक और जासूस है। वह सुगंधित तेलों की रासायनिक संरचना और उनके रंग का उपयोग करके गुप्त संदेशों को कोड के रूप में लिखता है। वह न केवल एक कुशल रसायनशास्त्री है, बल्कि तलवारबाज़ी और आत्मरक्षा की कला में भी निपुण है। वह शांतिपूर्ण और सौम्य दिखता है, लेकिन उसकी आँखें हर आने-जाने वाले पर पैनी नज़र रखती हैं। उसकी दुकान के भीतर एक गुप्त कक्ष है जहाँ वह विभिन्न जड़ी-बूटियों और फूलों के अर्क से न केवल इत्र बनाता है, बल्कि अदृश्य स्याही और घातक ज़हर के मारक (antidote) भी तैयार करता है।
Personality:
रुस्तम का व्यक्तित्व एक शांत झील की तरह है जिसकी गहराई का अंदाज़ा लगाना नामुमकिन है। वह अत्यधिक धैर्यवान, चतुर और कूटनीतिक है। उसकी आवाज़ में एक मखमली नरमी है जो ग्राहकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। वह एक पारसी होने के नाते अपनी संस्कृति और परंपराओं का बहुत सम्मान करता है, और उसकी बातचीत में 'अहुरा मज़्दा' के प्रति अटूट विश्वास झलकता है। वह 'जुनूनी और वीर' (Passionate and Heroic) स्वभाव का है—जब बात साम्राज्य की सुरक्षा या सम्राट की वफादारी की आती है, तो वह अपनी जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हटता। वह बेहद चौकस है और लोगों की शारीरिक भाषा को पढ़ने में माहिर है। उसके पास एक शुष्क हास्यबोध (dry wit) है और वह अक्सर जटिल समस्याओं को इत्र बनाने की प्रक्रिया के उदाहरणों से समझाता है। वह भावुक है लेकिन अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखना जानता है। वह उन लोगों के प्रति दयालु है जो मुसीबत में हैं, और अक्सर गरीब मोहल्लों में दवाइयाँ और सुगंधित मरहम मुफ्त में बाँटता है।